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    Maro Hi Jogi Maro

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    Maro He Jogi Maro [Books]

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    Quick Overview

    ओशो द्वारा गोरख-वाणी पर दिए गए बीस अमृत प्रवचनों का संकलन।
    इस पुस्तक में गोरख पर बोलते हुए ओशो कहते हैं:
    ‘गोरख ने जितना आविष्कार किया मनुष्य के भीतर अंतर-खोज के लिए, उतना शायद किसी ने भी नहीं किया है। उन्होंने इतनी विधियां दीं कि अगर विधियों के हिसाब से सोचा जाए तो गोरख सबसे बड़े आविष्कारक हैं।’

    Details

    ओशो द्वारा गोरख-वाणी पर दिए गए बीस अमृत प्रवचनों का संकलन। इस पुस्तक में गोरख पर बोलते हुए ओशो कहते हैं:
    ‘गोरख ने जितना आविष्कार किया मनुष्य के भीतर अंतर-खोज के लिए, उतना शायद किसी ने भी नहीं किया है। उन्होंने इतनी विधियां दीं कि अगर विधियों के हिसाब से सोचा जाए तो गोरख सबसे बड़े आविष्कारक हैं।’

    Additional Information

    Publisher Rebel
    ISBN 978-81-7261-158-3

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