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    Man Hi Pooja Man Hi Dhoop

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    Man Hi Pooja Man Hi Dhoop [Books]

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    Quick Overview

    रैदास-वाणी पर प्रश्नोत्तर सहित पुणे में ओशो द्वारा दिए गए दस अमृत प्रवचनों का अनुपम संकलन।
    रैदास कहते हैं: मैंने तो एक ही प्रार्थना जानी - जिस दिन मैंने ‘मैं’ और ‘मेरा’ छोड़ दिया। वही बंदी है। जिस दिन मैंने मैं और मेरा छोड़ दिया। क्योंकि मैं भी धोखा है और मेरा भी धोखा है। जब मैं भी नहीं रहता और कुछ मेरा भी नहीं रहता, तब जो शेष रह जाता है तुम्हारे भीतर, वही तुम हो, वही तुम्हारी ज्योति है - शाश्वत, अनंत, असीम। तत्वमसि! वही परमात्मा है। बंदगी की यह परिभाषा की मैं और मेरा छूट जाए, तो सच्ची बंदगी।

    -ओशो

    Details

    रैदास-वाणी पर प्रश्नोत्तर सहित पुणे में ओशो द्वारा दिए गए दस अमृत प्रवचनों का अनुपम संकलन।
    रैदास कहते हैं: मैंने तो एक ही प्रार्थना जानी - जिस दिन मैंने ‘मैं’ और ‘मेरा’ छोड़ दिया। वही बंदी है। जिस दिन मैंने मैं और मेरा छोड़ दिया। क्योंकि मैं भी धोखा है और मेरा भी धोखा है। जब मैं भी नहीं रहता और कुछ मेरा भी नहीं रहता, तब जो शेष रह जाता है तुम्हारे भीतर, वही तुम हो, वही तुम्हारी ज्योति है--शाश्वत, अनंत, असीम। तत्वमसि! वही परमात्मा है। बंदगी की यह परिभाषा की मैं और मेरा छूट जाए, तो सच्ची बंदगी।
    -ओशो

    Additional Information

    Publisher Rebel
    ISBN 978-81-7261-025-8

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