Shopping Cart Empty!

    More Views

    • Kya Ishwar Mar Gaya Hai

    Kya Ishwar Mar Gaya Hai [Books]

    Be the first to review this product

    Availability: In stock

    Rs. 260.00
    OR

    Quick Overview

    क्या ईष्वर
    मर गया है?
    ईष्वर तो मर गया है, लेकिन मनुष्य के मंदिरों में उसकी पूजा जारी है। इससे यह खतरा है कि कहीं मनुष्य भी न मर जाए, क्योंकि मुर्दे को घर में रखना बहुत खतनारक है। यह तो मैंने कहा कि ईष्वर मर गया है, अब डर यह है कि कहीं आदमी भी मर जाए। इसके पहले कि आदमी मरे, इस मरे हुए ईष्वर को दफना देना। और जब तक इसे न दफनाया जाएगा, तब तक उस ईष्वर को नहीं पाया जा सकता, जो कि न कभी जन्मता है और न कभी मरता है।

    पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः
    ऽ धर्मों को भीड़ से मुक्ति के उपाय
    ऽ मनुष्य-निर्मित ईष्वर से कैसे बचें?
    ऽ जानने के भ्रम से मुक्ति और अनुभव में उतरने के उपाय
    ऽ प्रेम के सूत्र

    Details

    क्या ईष्वर मर गया है? ईष्वर तो मर गया है, लेकिन मनुष्य के मंदिरों में उसकी पूजा जारी है। इससे यह खतरा है कि कहीं मनुष्य भी न मर जाए, क्योंकि मुर्दे को घर में रखना बहुत खतनारक है। यह तो मैंने कहा कि ईष्वर मर गया है, अब डर यह है कि कहीं आदमी भी मर जाए। इसके पहले कि आदमी मरे, इस मरे हुए ईष्वर को दफना देना। और जब तक इसे न दफनाया जाएगा, तब तक उस ईष्वर को नहीं पाया जा सकता, जो कि न कभी जन्मता है और न कभी मरता है। पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः ऽ धर्मों को भीड़ से मुक्ति के उपाय ऽ मनुष्य-निर्मित ईष्वर से कैसे बचें? ऽ जानने के भ्रम से मुक्ति और अनुभव में उतरने के उपाय ऽ प्रेम के सूत्र

    Additional Information

    Publisher Rebel
    ISBN 978-8172-61378-5
    Type Books

    Product Tags

    Use spaces to separate tags. Use single quotes (') for phrases.