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    jeevan Geet

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    Jeevan Geet [Books]

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    Quick Overview

    अगर तुम जिंदगी से पूछो-पत्थरों से, पौधों से, आदमियों से, आकाश से, तारों से-तो सब तरफ से उत्तर मिलेंगे। लेकिन तुम पूछो ही नहीं, तो उत्तरों की वर्षा नहीं होती, ज्ञान कहीं बरसता नहीं किसी के ऊपर। उसे तो लाना पड़ता है, उसे तो खोजना पड़ता है। और खोजने के लिए सबसे बड़ी जो बात है वह हृदय के द्वार खुले हुए होने चाहिए। वे बंद नहीं होने चाहिए।
    दुनिया की तरफ से दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए, बिलकुल खुला हुआ मन होना चाहिए। और जो भी आए चारों तरफ से, निरंतर सजग रूप से, होशपूर्वक उसे समझने, सोचने और विचारने की दृष्टि बनी रहनी चाहिए।

    Details

    अगर तुम जिंदगी से पूछो-पत्थरों से, पौधों से, आदमियों से, आकाश से, तारों से-तो सब तरफ से उत्तर मिलेंगे। लेकिन तुम पूछो ही नहीं, तो उत्तरों की वर्षा नहीं होती, ज्ञान कहीं बरसता नहीं किसी के ऊपर। उसे तो लाना पड़ता है, उसे तो खोजना पड़ता है। और खोजने के लिए सबसे बड़ी जो बात है वह हृदय के द्वार खुले हुए होने चाहिए। वे बंद नहीं होने चाहिए।
    दुनिया की तरफ से दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए, बिलकुल खुला हुआ मन होना चाहिए। और जो भी आए चारों तरफ से, निरंतर सजग रूप से, होशपूर्वक उसे समझने, सोचने और विचारने की दृष्टि बनी रहनी चाहिए।

    पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदुः
    . क्या कोई मार्ग हो सकता है कि मृत्यु के भय से हम मुक्त हो जाएं?
    . क्या आपको अपने कार्य से प्रेम है?
    . शांत चित्त स्वास्थ्य की अनिवार्य आधार भूमि है
    . खुद के दर्शक होने का मतलब क्या है?

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    ISBN 978-81-7261-296-2
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

    Product Tags

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