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    • Ek Omkar Satnam 1 to 20          ( NUPUR )

    Ek Omkar Satnam 1 to 20 ( NUPUR ) [CDs]

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    Quick Overview

    एक ओंकार सतनाम
    गुरु नानक देव जी का अमृत संदेष
    प्रवचन 1 से 20

    Details

    प्रवचन 1 से 10

    1 आदि सचु जुगादि सचु (नानक के दीदार की झलक)
    2 हुकमी हुकमु चलाए राह (जीवन को जीने के दो ढंग)
    3 साचा साहिबु साचु नाई (जीने की एक नयी षैली)
    4 जे इक गुरु की सिख सुणी (तीर्थ का इषनान यही है, अपने रब को भाऊं मैं)
    5 नानक भगता सदा विगासु (श्रवण की महिमा)
    6 ऐसा नामु निरंजनु होई (गहराई में डुबकी लो)
    7 पंचा का गुरु एकु धिआनु (कितना अनंत जीवन है)
    8 जो तुधु भावै साई भलीकार (परम समर्पण ही परम साधना है)
    9 आपे बीजि आपे ही खाहु (धर्म आतंरिक स्नान है)
    10 आपे जाणै आपु (प्रेम कुंजी है)

    प्रवचन 11 से 20

    11 ऊचे उपरि ऊजा नाउ (जीवन के भीतर बहते हुए झरने का नाद)
    12 आखि आखि रहे लिवलाई (उसका वरदान अमूल्य है)
    13 सोई सोई साद सचु साहिब (अस्तित्व एक उत्सव है)
    14 आदेसु नितसै आदेसु (ऋद्धि-सिद्धि तो घटिया स्वाद)
    15 जुग जुग एको वेसु (तुम्हें वापस लौटना होगा)
    16 नानक उतमु नीचु न कोइ (निर्बल के बल राम)
    17 करमी करमी होई वीचारु (यह संसार धर्मषाला है)
    18 नानक अंतु न अंतु (मनुष्य बड़े षिखर पर है)

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

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