Shopping Cart Empty!

    Shunya Ke Paar Front

    More Views

    • Shunya Ke Paar Front
    • Shunya Ke Paar Back

    Shunya Ke Paar [Books]

    Be the first to review this product

    Availability: In stock

    Rs. 240.00
    OR

    Quick Overview

    मनुष्य को खंडों में तोड़ना और फिर किसी एक खंड से सत्य को जानने की कोषिष करना, अखंड सत्य को जानने का द्वार नहीं बन सकता है। अखंड को जानना हो तो अखंड मनुष्य ही जान सकता है।

    न तो कर्म से जाना जा सकता है, क्योंकि कर्म मनुष्य का एक खंड है। न ज्ञान से जाना जा सकता है, क्योंकि ज्ञान भी मनुष्य का एक खंड है। और न भाव से जाना जा सकता है, भक्ति से, क्योंकि वह भी मनुष्य का एक खंड है।

    अखंड से जाना जा सकता है। और ध्यान रहे, इन तीनों को जोड़ कर अखंड नहीं बनता। इन तीनों को छोड़ कर जो शेष रह जाता है, वह अखंड है। जोड़ से कभी अखंड नहीं बनता। जोड़ में खंड मौजूद ही रहते हैं।...

    ओशो

    Details

    ‘शून्य के पार’ पुस्तक में कर्म, ज्ञान व भक्ति पर आधारित ओशो प्रवचन है। जो राजकोट में दिये गए है। ज्ञान का असीम भण्डार समेटे हुए इस ओशो पुस्तक के मुख्य आकर्षण बिन्दु हैः धर्म का कोई मार्ग नहीं, कोई पंथ नहीं है, ज्ञान मार्ग नहीं है, ज्ञान एक भटकन है, भक्तिः भगवान का स्वप्न-सृजन और क्या है शुभ और क्या है अशुभ ?

    विषय सूची

    प्रस्तुत पुस्तक में ओशो द्वारा दिये गये चार प्रवचनों का अपूर्व संकलन हैः

    1. कर्म, ज्ञान, भक्तिः मन के खेल
    2. ज्ञानः मार्ग नही, भटकन है
    3. भक्तिः भगवान का स्वप्न-सृजन
    4. कर्मः सबसे बड़ा भ्रम

    प्रस्तुत ओशो पुस्तक में ओशो-एक परिचय सहित कुल 98 पृष्ठ है। यह किताब आकर्षक कवर पेज में उपलब्ध है।

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    ISBN 978-81-7261-269-6
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

    Product Tags

    Use spaces to separate tags. Use single quotes (') for phrases.