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    Satya Ki Khoj [Books]

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    Rs. 220.00

    Quick Overview

    ‘‘शांति की पगडंडी से आदमी सत्य के षिखरों तक पहुंचता है। और शांति की पगडंडी पर वही चल सकते हैं, जिनको जीवन सपना दिखाई पड़ता है। जिन्हें जीवन एक सत्य, एक ठोस सत्य मालूम होता है, वे कभी षांति के मार्गों पर नहीं चल सकते, यह पहली बात।

    इससे ही जुड़ी हुई दूसरी बात, जिस आदमी को जीवन सपना दिखाई पड़ने लगेगा, उस आदमी का व्यवहार क्या होगा? जिस आदमी को जिंदगी अयथार्थ मालूम होने लगेगी, वह आदमी जीएगा कैसे? उसके जीवन का सूत्र क्या होगा? सपने के साथ हम क्या करते हैं? सपने को देखते हैं, और तो कुछ भी नहीं कर सकते हैं।

    जिस आदमी को पूरा जिंदगी सपना दिखाई पड़ने लगेगी, वह एक द्रष्टा हो जाएगा, वह एक साक्षी हो जाएगा। वह देखेगा और कुछ भी नहीं करेगा। जिंदगी जैसी होगी, उसे देखता चला जाएगा।

    सपना है भाव और साक्षी है परणिति। सपना है आधार और साक्षी है उस पर उठा हुआ भवन।’’

    ओशो इसी पुस्तक से...

    Details

    ‘सत्य की खोज’ ओशो प्रवचनों की अनूठी पुस्तक है। जिसमें जूनागढ़ में ध्यान-प्रयोगों एवं प्रष्नोत्तर सहित ओशो द्वारा दिये गये पांच अमृत प्रवचनों का अपूर्व संकलन है जिसके आकर्षण बिन्दु हैः वास्तविक स्वतंत्रता क्या है?, षून्य है द्वार पृथ्वी का, क्या जीवन एक सपना है? और संयम का अर्थ क्या है?

    विषय सूची

    प्रस्तुत ओशो पुस्तक में पांच अमृत प्रवचनांषो का अद्वितीय संकलन हैः

    1. परतंत्रता से सत्य की ओर
    2. भ्रम से सत्य की ओर
    3. श्रद्धा से सत्य की ओर
    4. स्वप्न से सत्य की ओर
    5. षून्य से सत्य की ओर

    प्रस्तुत ओशो पुस्तक में ओशो-एक परिचय सहित कुल 116 पृष्ठ है। यह किताब आकर्षक कवर पेज में उपलब्ध है।

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    ISBN 978-81-7261-262-7
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

    Product Tags

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