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    jeevan sangeet

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    Jeevan Sangeet [Books]

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    Rs. 430.00
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    Quick Overview

    ‘जीवन संगीत’ नामक पुस्तक में ओशो के ध्यान साधना पर अद्वितीय प्रवचनों का संगम है। जिसमें ओशो कहते हैं

    ‘‘जो वीणा से संगीत के पैदा होने का नियम है, वही जीवन-वीणा से संगीत पैदा होने का नियम भी है। जीवन-वीणा की भी एक ऐसी अवस्था है, जब न तो उत्तेजना इस तरफ होती है, न उस तरफ। न खिंचाव इस तरफ होता है, न उस तरफ। और तार मध्य में होते हैं। तब न दुख होता है, न सुख होता है। क्योंकि सुख एक खिंचाव है, दुख एक खिंचाव है। और तार जीवन के मध्य में होते हैं-सुख और दुख दोनों के पार होते हैं। वहीं वह जाना जाता है जो आत्मा है, जो जीवन है, जो आनंद है।

    आत्मा तो निष्चित ही दोनों के अतीत है। और जब तक हम दोनों के अतीत की आंख को नहीं ले जाते, तब तक आत्मा का हमें कोई कोई अनुभव नहीं होगा।’’

    Details

    उदयपुर, राजस्थान में ध्यान-प्रयोगों एवं प्रष्नोत्तर पर आधारित इस पुस्तक में सदगुरु ओशो ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार प्रकट किये हैं। जैसे क्या आप दूसरों की आंखों में अपनी परछाई देख कर जीते हैं?, क्या आप सपनों में जीते है?, प्रेम से ज्यादा और पवित्र क्या है?, क्या आप भीतर से अमीर हैं? और जीवन का अर्थ क्या है?

    विषय सूची-

    जीवन के संगीत का राग छेड़ने वाली इस पुस्तक में दस प्रवचनों का संकलन हैः-

    1. पहला सूत्रः आत्म-स्वतंत्रता का बोध
    2. दूसरा सूत्रः खोजें मत, ठहरें
    3. विचार-क्रांति
    4. स्वप्न से जागरण की ओर
    5. दुख के प्रति जागरण
    6. समस्त के प्रति प्रेम ही प्रार्थना है
    7. विष्वासः सत्य की खोज में सबसे बड़ी बाधा
    8. प्रार्थना का रहस्य
    9. क्रांति एक विस्फोट है, ध्यान एक विकास है
    10. नये का आमंत्रण

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    ISBN 978-81-7261-275-7
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

    Product Tags

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