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    • BUDHATVA KA MANOVIGYAN

    BUDHATVA KA MANOVIGYAN [Books]

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    Quick Overview

    श्वास के प्रति होषपूर्ण हो जाओ। योग में तुम्हें श्वास की प्रक्रिया को बदलना पड़ता है, और सजगता में तुम्हें श्वास के प्रति जैसी वह है, होषपूर्ण हो जाना पड़ता है-- बस श्वास-प्रक्रिया के प्रति सजगता। अगर तुम श्वास-प्रक्रिया के प्रति सजग हो सको तो तुम अपनी विचार-प्रक्रिया के प्रति भी सजग हो सकते हो, अन्यथा नहीं।
    वे लोग जो सीधे ही अपनी विचार-प्रक्रिया के प्रति सजग होने का प्रयास करते हैं, वे इसमें सफल नहीं हो पाएंगे। यह बहुत दूभर होगा, क्योंकि श्वास-प्रक्रिया मन का द्वार है। तुम्हें यह जान कर हैरानी होगी कि अगर तुम अपनी श्वास को एक क्षण के लिए रोक सकते, तोे तुम्हंे दिखेगा कि तत्क्षण तुम्हारे विचार भी रुक गए हैं। यहां श्वास-प्रक्रिया रुकी और वहां विचारों की श्रृंखला टूटी। श्वास को रोक दो और विचार रुक जाते हैं; विचार-प्रक्रिया को तेजी से जारी रखो और तुम देखोगे कि श्वास तुरंत ही अराजकपूर्ण हो गई। श्वास-प्रक्रिया तुम्हारी विचार-प्रक्रिया को प्रतिबिंबित करेगी।
    ओषो

    Details

    श्वास के प्रति होषपूर्ण हो जाओ। योग में तुम्हें श्वास की प्रक्रिया को बदलना पड़ता है, और सजगता में तुम्हें श्वास के प्रति जैसी वह है, होषपूर्ण हो जाना पड़ता है-- बस श्वास-प्रक्रिया के प्रति सजगता। अगर तुम श्वास-प्रक्रिया के प्रति सजग हो सको तो तुम अपनी विचार-प्रक्रिया के प्रति भी सजग हो सकते हो, अन्यथा नहीं। वे लोग जो सीधे ही अपनी विचार-प्रक्रिया के प्रति सजग होने का प्रयास करते हैं, वे इसमें सफल नहीं हो पाएंगे। यह बहुत दूभर होगा, क्योंकि श्वास-प्रक्रिया मन का द्वार है। तुम्हें यह जान कर हैरानी होगी कि अगर तुम अपनी श्वास को एक क्षण के लिए रोक सकते, तोे तुम्हंे दिखेगा कि तत्क्षण तुम्हारे विचार भी रुक गए हैं। यहां श्वास-प्रक्रिया रुकी और वहां विचारों की श्रृंखला टूटी। श्वास को रोक दो और विचार रुक जाते हैं; विचार-प्रक्रिया को तेजी से जारी रखो और तुम देखोगे कि श्वास तुरंत ही अराजकपूर्ण हो गई। श्वास-प्रक्रिया तुम्हारी विचार-प्रक्रिया को प्रतिबिंबित करेगी। ओषो पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिदंुः • काम-ऊर्जा का आध्यात्मिक महत्व • कंुडलिनी योग क्या है? • स्वप्नों का मनोविज्ञान • सात षरीरों की यात्रा • दिव्य प्रेम क्या है? • वैज्ञानिक मन और अध्यात्म

    Additional Information

    Publisher Osho World Foundation
    ISBN 978-93-84657-65-9
    Type Books
    Manufacture Osho World Foundation

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